फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम
दुनिया और आख़िरत में नफ़े के लिये 25 सुनहरी उसूल - पैग़म्बर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि वसल्लम के द्वारा - hindi me
दुनिया और आख़िरत में नफ़े के लिये 25 सुनहरी उसूल - पैग़म्बर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि वसल्लम के द्वारा हिंदी में हज़रत खालिद बिन वलीद रजि अल्लाहो अन्हा फरमाते है कि हम एक दिन रसूल अल्लाह (सल्लाहों अलैहि वसल्लम) की ख़िदमत में हाज़िर थे कि एक शख़्स हाज़िर हुआ और अर्ज़ कि , या रसूल अल्लाह (सल्लाहों अलैहि वसल्लम), मैं कुछ बातें पूछने के लिए हाज़िर हुआ हू जो मुझे दुनिया और आख़िरत में नफ़ा दे. आप सल्लाहों अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो चाहो पूछो :- 1 . उसने कहा मैं सबसे बड़ा आलिम बनना चाहता हू। आप सल्लाहों अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया तक़वा इख़्तेयार करो सबसे बड़े आलिम बन जाओगे। 2 . उसने कहा मैं सबसे बड़ा गनी बनना चाहता हू। आप सल्लाहों अलैहे वसल्लम ने फ़रमाया कनाअत इख़्तियार करो सबसे बड़े गनी बन जाओगे। 3 . उसने कहा मैं सबसे बड़ा आदिल बनना चाहता हू। आप सल्लाहों अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया जो तुझे पसंद है वही लोगों के लिए पसंद कर सबसे बड़े आदिल ...