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Jung e Siffin - Haq-Baatil aur Momin-munafeqeen ki jung in hindi

                जंग ए  सिफ़्फ़ीन                   - हक़ और बातिल की जंग  जंग ए सिफ़्फ़ीन इस्लामी तारीख़ की वो जंग है जिसने मुसलमानों के बीच हक़ - बातिल और मोमिन - मुनाफिक़ीन के फ़र्क़ को साफ़ कर दिया।   साल 657 ईस्वी में जब तीसरे ख़लीफ़ा हज़रत उस्मान रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा की शहादत हो गयी और उम्मत ने हज़रत अली  रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा को चौथा ख़लीफ़ा चुन लिया, तब शाम यानी आज का सीरिया के गवर्नर मुआविया बिन सुफ़ियान ने हज़रत उस्मान के क़ातिलों को पकड़ने का मुतालबा हज़रत अली से करने लगा, जबकि हज़रत अली का कहना था कि असली मुज़रिम को पकड़ने के लिये थोड़ा वक़्त चाहिए , लेकिन मुआविया बिन सुफ़ियान इस कदर अपनी ज़िद पे आ गया और उसने हज़रत अली से जंग करने का इरादा बना लिया।   फरात नदी के किनारे सिफ़्फ़ीन के मैदान में ये दोनों फौजे टकराने वाली थी।  जंग की शुरुआत प्यास से हुई जब मुआविया की फौज ने फरात नदी पे कब्ज़ा कर लिया और हज़रत अली के लश्करों के लिए पानी बंद कर दिया।  हजरत अली के सिपहसालार ...

क्या क़ुरान फ़िरक़ा-वारीअत के खिलाफ है ? और 73 फ़िरक़ों वाली हदीस क्या है ? hindi me

Image for representation only     Kya Quran Firqa wariat ke khilaaf hai?  क्या क़ुरान फ़िरक़ा-वारीअत के खिलाफ है ? और 73 फ़िरक़ों वाली हदीस क्या है ? अस सलामों अलैकुम दोस्तों, जैसा की आजकल देखा जा रहा है मुस्लिम समाज में बहोत से फ़िरक़े बन गए है और वो सभी अपने को मुस्लिम कहते है तो आईए जानते है इस्लाम की सबसे प्रमुख किताब जोकि क़ुरान शरीफ है उसमे अल्लाह पाक ने क्या फ़रमाया है।  तो सबसे पहले क़ुरान की तीसरी सूरह इमरान की आयत नंबर 102 और 103 पढ़ते है।    Quran - 3:102 يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ حَقَّ تُقَاتِهِۦ وَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُم مُّسْلِمُونَ ١٠٢ O believers! Be mindful of Allah in the way He deserves, and do not die except in ˹a state of full˺ submission ˹to Him˺. ऐ ईमान वालो! अल्लाह से डरो, जैसा कि उससे डरना चाहिए तथा तुम्हारी मृत्यु न आए परंतु इस स्थिति में कि तुम मुसलमान हो। Quran - 3:103 وَٱعْتَصِمُوا۟ بِحَبْلِ ٱللَّهِ جَمِيعًۭا وَلَا تَفَرَّقُوا۟ ۚ وَٱذْكُرُوا۟ نِعْمَتَ ٱللَّهِ عَلَيْكُمْ إِذْ كُنتُمْ أَعْدَآءًۭ فَأَلَّفَ ب...