फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम
Image for representation only फ़रमाने हज़रत अबु बकर सिद्दीक (रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा) हिंदी में - हज़रत अबु बकर सिद्दीक (रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा) ने फ़रमाया, "मुहम्मद सल्लाहों अलैहि वसल्लम के क़ुर्ब को आले मुहम्मद में तलाश करो" . सही बुखारी हदीस नंबर - 3751 अमीरों के पास जाने वाले उलामा, अल्लाह के दुश्मन है । - हज़रत अबु बकर सिद्दीक (रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा)