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Showing posts from November, 2023

फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम

  फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम  ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी  - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार  उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम  सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम 

फ़रमाने हज़रत उस्मान (रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा) हिंदी में -

  Image for representational only  फ़रमाने हज़रत उस्मान (रज़ि अल्लाहो तआला अन्हा) हिंदी में -  हज़रत उस्मान गनी (रज़ि०) फरमाते है कि, 'जानवर अपने मालिक को पहचानता है, लेकिन इंसान अपने ख़ालिक़ को नहीं पहचानता।   हज़रत उस्मान गनी (रज़ि०) फरमाते है कि, 'मुझे 3 काम बहुत अज़ीज़ है (1) भूखे को खाना खिलाना (2) नंगे को कपड़े पहनाना (3) क़ुरआने पाक पढ़ना और पढ़वाना ।   हज़रत उस्मान गनी (रज़ि०) फरमाते है कि, 'खुदा के सिवा किसीसे उम्मीद क़ायम न करो ।