फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम
फ़रमाने हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम ) हिंदी में - Sayings of Maula Ali - Karam Allaho Wazahul Kareem
Image for representation purpose only फ़रमाने हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) हिंदी में Sayings of Maula Ali - (Karam Allaho Wazahul Kareem) जिस शख्श के दुश्मन न हो सभी दोस्त हो, उस जैसा मुनाफ़िक़ कोई नहीं। क्योंकि दुश्मन उसके होते है, जो हक़ की बात करता है। - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) इल्म वह खज़ाना है जिस का ज़ख़ीरा बढ़ता ही रहता है । - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) जब तुम बेगैर किसी वज़ह से ख़ुशी महसूस करो तो यक़ीन कर लो कि कोई न कोई किसी न किसी जगह जगह आपके लिये दुआ कर रहा है। - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) मुश्किलतरीन काम बेहतरीन लोगों के हिस्से में आते है क्योंकि वो उसे हल करने की सलाहियत रखते है । - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) अक्लमंद अपने आप को नीचा रखकर बुलंदी हासिल करता है और नादान अपनेआप को बड़ा समझ कर ज़िल्लत उठता है । - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) कम खाने में सेहत है, कम बोलने में समझदारी है और कम सोना ईबादत है । - हज़रत अली (करम अल्लाहो वज़हुल करीम) जहां तक हो ...