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Showing posts from March, 2021

Sahaba Iqram ki vo Haqeeqat jo aksar Molvi bayan nahi karte hai

  Sahaba Iqram ki vo Haqeeqat jo aksar Molvi bayan nahi karte hai सहाबा इक़राम की वो हकीकत जो अक्सर मौलवी बयान नहीं करते है।   दोस्तों, आपलोगों ने भी अक्सर मौलवी के बयान  में सहाबा इक़राम रज़ि० का बयान सुना होगा और मौलवी जब बयान करते है तो ऐसे बायां करते है कि सहाबा इक़राम एकदम मासूम हो और उनसे कभी कोई गलती हुई ही नहीं हो और सबके सब जन्नती है।  लेकिन क्या हमने कभी ये जानने की कोशिश किया कि क़ुरआन और हदीस ए नबवी में इनके बारे में क्या लिखा है।   सबसे पहले ये जानते है कि इस्लाम की सबसे बड़ी किताब जिसमें अल्लाह का फ़रमान है यानी क़ुरआन शरीफ़ में सहाबा इक़राम रज़ि० के बारे में क्या लिखा है। इसके लिए हमको सूरह तौबा की आयत नंबर 100 पढ़ते है।   The Repentance (9:100)  وَٱلسَّـٰبِقُونَ ٱلْأَوَّلُونَ مِنَ ٱلْمُهَـٰجِرِينَ وَٱلْأَنصَارِ وَٱلَّذِينَ ٱتَّبَعُوهُم بِإِحْسَـٰنٍۢ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ وَأَعَدَّ لَهُمْ جَنَّـٰتٍۢ تَجْرِى تَحْتَهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ ١٠٠ As...

गुस्सा (क्रोध) के बारे में इस्लाम क्या कहता है ? what Islam says about Anger ?

गुस्सा (क्रोध) के बारे में इस्लाम क्या कहता है ?  what Islam says about Anger ? Image for representation only  दोस्तों, इन्सान को गुस्सा आना बहुत आम बात है, आजकल इंसान ज़रा ज़रा सी बात पर बहुत गुस्सा दिखाने लगता है और वो गुस्से में बड़े छोटे का लिहाज़ भी भूल जाता है, और कभी कभी इंसान गुस्से  में वो गलती कर देता है जिसका उसको जीवन भर पछतावा  होता है  । इसलिए आइये जानते है कि  ग़ुस्से (क्रोध) के बारे में इस्लाम क्या कहता है ?   हज़रत अबु हुरैरा (रज़ि अल्लाहो ताला अन्हा) से रिवायत है कि एक शख्श ने रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से अर्ज़ किया, मुझे आप कोई नसीहत  फ़रमा दीजिये तो आप   सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने  फ़रमाया कि "गुस्सा न किया कर, उसने कई बार यही सवाल किया और आप  सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने यही  फ़रमाया कि गुस्सा न किया कर"  । सही बुखारी (६११६ ) इंसान जब  बह्स करता है तो  गुस्सा और बढ़ जाता है ।  इसी लिए अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया किः     “मैं उस व्यक्ति के लिए जन्नत में एक घर...

Islamic Quotes for WhatsApp Status

                                                       Islamic Quotes Mere Haq Mein Kya Behtar Hai Yeh Sirf Mera ALLAH Janta Hai. Bahot nawaza hai mere Allah ne mujhe, mere amaal ke barabar milta to sayad kuchh bhi na milta. Mere mazi ke liye, Astagfirullah, maujuda ke liye Alhamdolillah aur mustakbil ke liye, Insha Allah. Kabhi -kabhi bura waqt apko achche logo se milwane ke liye aata hai Bahut majbut hu ye sirf Duniya janta hai, Bahot kamzor hu ye sirf mera Allah janta hai. Do hi chiz hai jisme kisi ka kuch nahi jata ek Muskarahat aur dusri Duaa. Dusro ki kamyabi par khush hona sikho, Allah apko bhi dene me der nahi karega. Ye jo Allah ke faisle hote hai, hamari khwashiyaat se behtar hote hai. Insaan ka muqaddar utni hi baar badalta hai, jitni baar vo Allah se Duaa karta hai. Naseeb se jyada kimti Dua hoti hai, kyonki jab zindagi me sab kuchh bad...

5 अनमोल दीनी बातें - hindi me,

5 अनमोल दीनी बातें  हज़रत मोहम्मद  (स.अलैह.) ने फ़रमाया,  " इल्म बग़ैर अमल के वबाल है और अमल बग़ैर इल्म के तबाही है।" हज़रत मोहम्मद  (स.अलैह.) ने फ़रमाया, " अगर किसी भी चीज़ पर सब्र करना चाहते हो तो मरने से पहले ख़ुद को मरा हुआ समझो।" हज़रत ईसा  (अलैह.स.) ने फ़रमाया, " बे अमल आलिम की मिसाल ऐसी है जैसे अंधे ने चिराग़ उठा रखा हो। लोग इस से रौशनी हासिल करें और वो ख़ुद अंधेरे में रहे।" हज़रत अली  (रजि.अल.)  ने फ़रमाया, " जिस शख़्स के दिल में जितनी ज़्यादा हिर्स होती है उसे अल्लाह पर उतना ही कम यक़ीन होता है।" हज़रत अली  (रजि.अल.)  ने फ़रमाया, " सब्र एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को गिरने नहीं देती, ना किसी के क़दमों में और ना किसी की नज़रों में।"