फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम
5 अनमोल दीनी बातें
- हज़रत मोहम्मद (स.अलैह.) ने फ़रमाया, "इल्म बग़ैर अमल के वबाल है और अमल बग़ैर इल्म के तबाही है।"
- हज़रत मोहम्मद (स.अलैह.) ने फ़रमाया, "अगर किसी भी चीज़ पर सब्र करना चाहते हो तो मरने से पहले ख़ुद को मरा हुआ समझो।"
- हज़रत ईसा (अलैह.स.) ने फ़रमाया, "बे अमल आलिम की मिसाल ऐसी है जैसे अंधे ने चिराग़ उठा रखा हो। लोग इस से रौशनी हासिल करें और वो ख़ुद अंधेरे में रहे।"
- हज़रत अली (रजि.अल.) ने फ़रमाया, "जिस शख़्स के दिल में जितनी ज़्यादा हिर्स होती है उसे अल्लाह पर उतना ही कम यक़ीन होता है।"
- हज़रत अली (रजि.अल.) ने फ़रमाया, "सब्र एक ऐसी सवारी है जो अपने सवार को गिरने नहीं देती, ना किसी के क़दमों में और ना किसी की नज़रों में।"

Comments
Post a Comment