Sahaba Iqram ki vo Haqeeqat jo aksar Molvi bayan nahi karte hai सहाबा इक़राम की वो हकीकत जो अक्सर मौलवी बयान नहीं करते है। दोस्तों, आपलोगों ने भी अक्सर मौलवी के बयान में सहाबा इक़राम रज़ि० का बयान सुना होगा और मौलवी जब बयान करते है तो ऐसे बायां करते है कि सहाबा इक़राम एकदम मासूम हो और उनसे कभी कोई गलती हुई ही नहीं हो और सबके सब जन्नती है। लेकिन क्या हमने कभी ये जानने की कोशिश किया कि क़ुरआन और हदीस ए नबवी में इनके बारे में क्या लिखा है। सबसे पहले ये जानते है कि इस्लाम की सबसे बड़ी किताब जिसमें अल्लाह का फ़रमान है यानी क़ुरआन शरीफ़ में सहाबा इक़राम रज़ि० के बारे में क्या लिखा है। इसके लिए हमको सूरह तौबा की आयत नंबर 100 पढ़ते है। The Repentance (9:100) وَٱلسَّـٰبِقُونَ ٱلْأَوَّلُونَ مِنَ ٱلْمُهَـٰجِرِينَ وَٱلْأَنصَارِ وَٱلَّذِينَ ٱتَّبَعُوهُم بِإِحْسَـٰنٍۢ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ وَأَعَدَّ لَهُمْ جَنَّـٰتٍۢ تَجْرِى تَحْتَهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ ١٠٠ As...
हज़रत अब्दुल क़ादिर जिलानी रहमत उल्लाह अलैहे का वाक़िया - एक डाकू कैसे अल्लाह का वली बन गया. Image is representational only पीरों के पीर हज़रत अब्दुल क़ादिर जिलानी रहमत उल्लाह अलैहे को भला इस दुनिया में कौन नहीं जानता, उनके मानने वाले दुनिया के कोने कोने में है. आज में आपको एक डाकू जो आगे चलकर अल्लाह का वली बन गए उनका वाक़िया बताने वाला हूँ। जब एक काफिला बगदाद की तरफ जा रहा था तो उस काफ़िले में एक नौउम्र लड़का भी था जब डाकुओं ने उस काफ़िले पर हमला कर दिया तो लोगो ने अपना माल छुपाने की कोशिश करने लगे लेकिन डाकुओं ने सब माल उनसे छीन लिया। जब सभी लोगो से पूछताछ होने लगी तो जब इस लड़के की बारी आयी तो डाकू ने पूछा की तुम्हारे पास भी कुछ माल है तो इस लड़के ने कहा हा मेरे पास ४० दीनार है तो डाकुओ को बड़ी हैरत हुई. तो डाकू ने पूछा की कहा है तो लड़के ने कहा मेरी कमर के कपडे में मेरी माँ ने सिलाई कर दिया है तो जब तलाशी ली गयी तो वो ४० दीनार निकल आयी। इस लड़के के सच बोलने पर डाकुओं के सरदार को सोचने पर मज़बूर कर दिया कि कैसे एक छोटा लड़का सच बोल रहा है औ...