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Showing posts from February, 2025

फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम

  फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम  ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी  - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार  उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम  सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम 

Farmane Hazrat Ali - R.A. - English aur Hindi me

  फ़रमाने हज़रत अली - रज़िअल्लाहो ताला अन्हु  15 Hazrat Ali Quotes in English and Hindi   नेक लोगों की सोहबत से हमेशा भलाई ही मिलती हैं , क्योकि हवा जब फूलो से गुज़रती हैं , तो वो भी खुशबूदार हो जाती हैं। Good society always gets good health, because when the wind passes through the blossoms, it also becomes aromatic. Hazrat Ali   अगर कोई शख्स अपनी भूख मिटाने के लिए रोटी चोरी करे , तो चोर के हाथ काटने के बजाए बादशाह के हाँथ काटे जाए। If a person steals the bread to erase his hunger, then instead of cutting the thief’s hand, the king should be cut off. Hazrat Ali   यदि आप किसी चीज को नहीं जानते हैं तो उसे जानने में कभी भी संकोच या शर्म महसूस न करें। If you don’t know a thing never hesitate or feel ashamed to learn it. Hazrat Ali   नफरत   से भरे दिल में प्यार जगाने से , पहाड़ को धूल में बदलना आसान हैं It is easier to turn a mountain into dust than to create love in a heart that is filled with hatred. Hazrat Ali   जब ज्ञान की बात आती है तो मौन में को...

रमज़ान मुबारक़ - Ramadan Mubarak, hindi me, Ramzaan Mubarak,

  रमज़ान मुबारक़  इस्लामी कैलेंडर का नौवाँ महीना रमज़ान , सिर्फ़ रोज़े के महीने से कहीं बढ़कर है - यह एक गहरा आध्यात्मिक समय है जिसके बारे में कुरान खुद भी बहुत ही गहन और प्रेरणादायक तरीके से बात करता है। तो कुरान रमज़ान के बारे में क्या कहता है ? और इसे मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना क्यों माना जाता है ? आइए जानें कि कुरान इस पवित्र महीने के महत्व , उद्देश्य और शक्ति को कैसे खूबसूरती से बुनता है।   कुरान रोज़े को किसी महान चीज़ को प्राप्त करने के साधन के रूप में पेश करता है : तक़वा , या ईश्वर - चेतना। अल्लाह आदेश देता है : " ऐ तुम जो ईमान लाए हो , तुम पर रोज़ा उसी तरह से फ़र्ज़ किया गया है जैसा कि तुमसे पहले के लोगों पर फ़र्ज़ किया गया था ताकि तुम नेक बनो। " पवित्र कुरान - सूरह अल - बक़रा आयत संख्या 183 रोज़ा कोई सज़ा या महज़ रस्म नहीं है। यह एक आध्यात्मिक अभ्यास है , आत्मा के लिए एक प्रशिक्षण मैदान है। सुबह से शा...