Sahaba Iqram ki vo Haqeeqat jo aksar Molvi bayan nahi karte hai सहाबा इक़राम की वो हकीकत जो अक्सर मौलवी बयान नहीं करते है। दोस्तों, आपलोगों ने भी अक्सर मौलवी के बयान में सहाबा इक़राम रज़ि० का बयान सुना होगा और मौलवी जब बयान करते है तो ऐसे बायां करते है कि सहाबा इक़राम एकदम मासूम हो और उनसे कभी कोई गलती हुई ही नहीं हो और सबके सब जन्नती है। लेकिन क्या हमने कभी ये जानने की कोशिश किया कि क़ुरआन और हदीस ए नबवी में इनके बारे में क्या लिखा है। सबसे पहले ये जानते है कि इस्लाम की सबसे बड़ी किताब जिसमें अल्लाह का फ़रमान है यानी क़ुरआन शरीफ़ में सहाबा इक़राम रज़ि० के बारे में क्या लिखा है। इसके लिए हमको सूरह तौबा की आयत नंबर 100 पढ़ते है। The Repentance (9:100) وَٱلسَّـٰبِقُونَ ٱلْأَوَّلُونَ مِنَ ٱلْمُهَـٰجِرِينَ وَٱلْأَنصَارِ وَٱلَّذِينَ ٱتَّبَعُوهُم بِإِحْسَـٰنٍۢ رَّضِىَ ٱللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا۟ عَنْهُ وَأَعَدَّ لَهُمْ جَنَّـٰتٍۢ تَجْرِى تَحْتَهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ خَـٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدًۭا ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ ١٠٠ As...
Image for representation only हज़रत अली को मौला अली क्यों कहा जाता है ? अस सलामों अलैकुम दोस्तों, अक्सर हम लोग मौला अली का नाम सुनते है चाहे वो बयान में हो या किसी क़व्वाली में हो। लेकिन क्या आप जानते है कि हज़रत अली को मौला अली क्यों कहा जाता है ? आईये हम क़ुरान और हदीस की रोशनी में जानने की कोशिश करते है। ग़दीर ए ख़ुम की हदीस सबसे पहले हम ग़दीर ए ख़ुम की हदीस जानेंगे। जब हमारे नबी (ﷺ) अपने आखिरी हज़ करने निकले जिसको हम हज़्ज़ातुल-विदा के नाम से भी जानते है, इस हज में तक़रीबन सवा लाख सहाबा शामिल हुए थे। जब हज मुक़म्मल हो गया और वापसी कर रहे थे तो 18 ज़िल्हिज्जा को ग़दीर ए ख़ुम की एक जगह पहुंचे और सभी को रुकने का आदेश दिया जो सहाबी आगे निकल गए थे उनको वापस बुलाया गया और जो सहाबी पीछे थे उनको भी बुलाया गया। फिर आपने आदेश दिया कि एक मिम्बर बनाया जाये। तो सहाबा ने ऊटो के कजावे का एक मिम्बर बनाया। फिर आप (ﷺ) ने अल्लाह पाक की हम्द की और फ़रमाया, "ऐ लोगों करीब है कि मौत का फ़रिश्ता आ...