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Showing posts from July, 2021

फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम

  फरमाने हज़रत ईमाम हुसैन - अलैहिस सलाम  ज़ुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से उठोगे उतनी ज्यादा क़ुरबानी देनी पड़ेगी  - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जिसका मददग़ार खुदा के आलावा कोई न हो, ख़बरदार  उस पर ज़ुल्म न करना - हज़रत ईमाम हुसैन अलैहिस सलाम  जो व्यक्ति अपने गुस्से पर क़ाबू रखता है, अल्लाह उसके ऐब छुपा देता है - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम  सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ पहनावे से पहचाना जाये, बल्कि सूफ़ी वह है जिसका दिल अल्लाह से जुड़ा हो - हज़रत ईमाम ज़ाफ़र सादिक़ अलैहिस सलाम 

हज़ और उमराह की फज़ीलत - Hajj aur Umrah ki fazilat - hindi me

    हज़ और उमराह  की फज़ीलत   रसूल अल्लाह सल्लाहों तआलाह अलैहे वसल्लम  ने फ़रमाया, "हज़ और उमराह करने वाले अल्लाह तआला की जमाअत है जब वह लोग दुआ करते है तो  अल्लाह तआला उनकी मगफिरत फरमा देता है।   (सही इब्ने माज़ा अल मनासिक, बाब फज़ले दुआ अल्हाज - 2892 ) नबी करीम सल्लाहों तआलाह अलैहे वसल्लम  ने फ़रमाया, "इन दिनों (ज़िलहिज़्ज़ाह का पहला दस दिन) के अमल से ज्यादा किसी दिन के अमल में फ़ज़ीलत नहीं।  लोगों ने पूछा और जिहाद भी नहीं, आप  सल्लाहों तआलाह अलैहे वसल्लम  ने फ़रमाया, हा जिहाद भी नहीं।  सिवा उस शख़्स के जो अपनी जान व माल खतरे में डाल कर निकला और वापिस आया तो साथ कुछ भी न लाया (सबकुछ अल्लाह की राह में क़ुर्बान कर दिया)  ।   (सही बुखारी, हदीस नंबर 969 ) Hajj Mubarak Quotes !! Hajj Mubarak Status

नमाज़ की फज़ीलत - Namaz ki Fazilat

image for representation only    नमाज़ की फज़ीलत   हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर रजि अल्लाहो तआलाह अन्हा फरमाते है कि मैंने रसूल अल्लाह सल्लाहों तआलाह अलैहे वसल्लम  को यह इरशाद फरमाते हुए, "जब कोई शख्स नमाज़ के लिए खड़ा होता है तो उसके गुनाह उसके सर और कंधो पर रख दिए जाते है, जब-जब वह रुकुह और सज़दे में जाता है वह गुनाह गिरते रहते है (सही इब्ने हिब्बान- 4371)